बाइबल और विश्वास की यात्रा यह कहानी 19वीं शताब्दी के मध्य में शुरू होती है, जब जर्मनी के बर्लिन शहर में पादरी जोहान्स गोस्नर (Johannes Gossner) का हृदय भारत, विशेषकर छोटानागपुर (आज का झारखंड) की आत्माओं के लिए धड़कता था। वह एक ऐसे मिशनरी थे जिनका मानना था कि परमेश्वर अपनी प्रार्थनाओं का उत्तर देंगे, […]
