यह बाइबल के अनुसार यीशु मसीह के जन्म की संपूर्ण कहानी है, जिसे तीन भागों में विभाजित किया गया है: मसीह के जन्म की भविष्यवाणी (Pre-Christmas), मसीह का जन्म (Christmas), और जन्म के बाद की घटनाएँ (Post-Christmas)।मसीह के जन्म की भविष्यवाणी (Pre-Christmas)हजारों साल पहले भविष्यद्वक्ताओं ने मसीह के आने की भविष्यवाणी की थी। इसके बाद, […]
आज हम बाइबल के एक ऐसे वचन पर मनन करने जा रहे हैं जो युगों-युगों से लाखों-करोड़ों लोगों को आशा और सांत्वना देता आया है। यह सीधे हमारे हृदय से बात करता है। क्या आप थके हुए हैं? क्या आप बोझ से दबे हैं? क्या आपका मन अशांत है? आज, प्रभु यीशु मसीह हमें एक […]
याकूब इब्राहीम, इसहाक और याकूब—इन तीन महान कुलपतियों में से एक हैं, जिनकी कहानी उत्पत्ति (Genesis) की किताब में है। याकूब बाइबिल में एक केंद्रीय व्यक्ति हैं, जो इसहाक और रिबका के पुत्र थे, और बाद में उनका नाम बदलकर इज़राइल रखा गया। इज़राइल के 12 गोत्र उन्हीं के नाम पर रखे गए थे। 1. […]
आगमन काल: बाइबिल के प्रकाश में मसीह के त्रिपक्षीय आगमन की धर्मशास्त्रीय समीक्षा और आत्मिक तैयारी खण्ड I: आगमन काल की परिभाषा, ऐतिहासिक मूल और धर्मशास्त्रीय आयाम आगमन काल मसीही धर्म की पूजन-पद्धति (लिटर्जिकल) वर्ष का आरंभिक चरण है। यह केवल क्रिसमस की पूर्व तैयारी नहीं, बल्कि मसीह के त्रिपक्षीय आगमन पर केंद्रित गहन आत्मिक […]
यीशु मसीह ने हमें एक सीधा सा सूत्र दिया: “मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।” (मत्ती 7:7) यह केवल एक धार्मिक वचन नहीं है; यह सफलता का एक पूरा रोडमैप है। इसे समझने के लिए, मैं आपको आरव नाम के एक युवा मूर्तिकार की कहानी सुनाता […]
यह बहुत ही सुंदर विषय है! स्वर्गदूत गाब्रिएल (Gabriel) और मरियम (Mariam) के बीच हुई उस पवित्र बातचीत को एक कहानी के रूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह कहानी सीधे तौर पर बाइबिल के लूका रचित सुसमाचार, अध्याय 1, से प्रेरित है। मरियम और स्वर्गदूत गाब्रिएल गलील प्रदेश के नासरत नामक एक छोटे से […]
बाइबल की पहली पुस्तक उत्पत्ति (Genesis) है। जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, यह पुस्तक ‘शुरुआत’ या ‘उद्गम’ के बारे में है। यह ब्रह्मांड के निर्माण से लेकर इसराइल राष्ट्र की नींव पड़ने तक की घटनाओं का वर्णन करती है। यहाँ उत्पत्ति की पुस्तक का एक संक्षिप्त विवरण दिया गया है, जिसे मुख्य […]
जोहार एक ऐसा पारंपरिक अभिवादन है जो भारत की आदिवासी संस्कृति की आत्मा को प्रतिबिंबित करता है। यह न केवल ‘नमस्कार’ या ‘हैलो’ का विकल्प है, बल्कि सम्मान, स्वागत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की जनजातियों में प्रचलित यह शब्द मुंडा, हो और ओरांव समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न […]
यह वृत्तांत हमें ईश्वर के पुत्र यीशु मसीह के मृत्यु पर विजय और पिता के दाहिने हाथ विराजमान होने की महान घटना को बताता है, जैसा कि पवित्र बाइबल के सुसमाचारों और प्रेरितों के काम में वर्णित है। 1. महिमामय पुनरुत्थान (Glorious Resurrection) क्रूस पर अपनी मृत्यु के बाद, यीशु के शरीर को एक कब्र […]
प्राचीन यहूदिया में, लोग चुंगी वसूलने वालों (Tax Collectors) से घृणा करते थे। उन्हें पापी और देशद्रोही माना जाता था, क्योंकि वे रोमी सरकार के लिए काम करते थे और अक्सर लोगों से अधिक पैसे वसूल कर खुद अमीर बन जाते थे। जेरिको नामक शहर में ज़क्कई नाम का एक चुंगी लेने वाला मुखिया रहता […]
