यह बाइबल के अनुसार यीशु मसीह के जन्म की संपूर्ण कहानी है, जिसे तीन भागों में विभाजित किया गया है: मसीह के जन्म की भविष्यवाणी (Pre-Christmas), मसीह का जन्म (Christmas), और जन्म के बाद की घटनाएँ (Post-Christmas)।मसीह के जन्म की भविष्यवाणी (Pre-Christmas)हजारों साल पहले भविष्यद्वक्ताओं ने मसीह के आने की भविष्यवाणी की थी। इसके बाद, […]
जोहार एक ऐसा पारंपरिक अभिवादन है जो भारत की आदिवासी संस्कृति की आत्मा को प्रतिबिंबित करता है। यह न केवल ‘नमस्कार’ या ‘हैलो’ का विकल्प है, बल्कि सम्मान, स्वागत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की जनजातियों में प्रचलित यह शब्द मुंडा, हो और ओरांव समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न […]
प्राचीन यहूदिया में, लोग चुंगी वसूलने वालों (Tax Collectors) से घृणा करते थे। उन्हें पापी और देशद्रोही माना जाता था, क्योंकि वे रोमी सरकार के लिए काम करते थे और अक्सर लोगों से अधिक पैसे वसूल कर खुद अमीर बन जाते थे। जेरिको नामक शहर में ज़क्कई नाम का एक चुंगी लेने वाला मुखिया रहता […]
मुख्य बिंदु: प्रारंभिक जीवन तृषा का जन्म 2006 में जालपाईगुड़ी जिले के बरादिघी चाय बागान में हुआ। चाय की हरियाली और पहाड़ियों के बीच पली-बढ़ीं, उनके पिता टोटो चालक थे, जिनसे उन्हें सड़कों का प्रेम मिला। माँ घर संभालती थीं, और परिवार सादगीपूर्ण जीवन जीता था। संघर्ष और संघर्षमय यात्रा 13 वर्ष की आयु में […]
यह घटना मसीह का प्रलोभन (यानी, परीक्षा) के रूप में जानी जाती है, जो मत्ती (4:1-11) और लूका (4:1-13) के सुसमाचारों में वर्णित है। यह शैतान द्वारा यीशु को दी गई तीन परीक्षाओं की एक श्रृंखला है । पृष्ठभूमि यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले द्वारा यीशु को बपतिस्मा दिए जाने के बाद, पवित्र आत्मा उन्हें […]
इफिसियों पत्री (६:२-३) में, वह लिखते हैं: “‘अपने पिता और अपनी माता का आदर कर’—यह पहली आज्ञा है जिसके साथ प्रतिज्ञा भी है—‘कि तेरा भला हो, और तू धरती पर बहुत दिन जीवित रहे।” मेरे भाइयों और बहनों, मित्रों, और इस सांसारिक यात्रा के सहयात्रियों, आइए आज हम अपने हृदयों और मनों को एक ऐसी […]
पृष्ठभूमि येसु मसीह अपनी सेवकाई के अंतिम चरण में थे और फसह पर्व से कुछ ही दिन पहले वह येरूसलेम जा रहे थे। इस यात्रा का उद्देश्य परमेश्वर की उस योजना को पूरा करना था जिसके तहत उन्हें मानवजाति के पापों के प्रायश्चित के लिए क्रूस पर बलिदान होना था। यरीहो से यात्रा करते हुए, […]
यह कहानी उस समय की है जब परमेश्वर ने अपने चुने हुए लोगों, इस्राएलियों (Israelites) को मिस्र की दासता से मुक्त किया था। मूसा को परमेश्वर ने उनके अगुवे के रूप में चुना था। मूसा के नेतृत्व में, इस्राएलियों ने लाल समुद्र पार किया और मिस्र के फ़िरौन (Pharaoh) के चंगुल से बचकर स्वतंत्रता की […]
परिचय: यीशु का ‘प्रिय शिष्य’ बाइबिल में, यूहन्ना (Yuhanna) सबसे महत्वपूर्ण और पूजनीय प्रेरितों (Apostles) में से एक हैं। वह बारह शिष्यों में सबसे कम उम्र के थे और उन्हें अक्सर “वह शिष्य जिससे यीशु प्रेम करते थे” कहा जाता है। यूहन्ना अपने भाई याकूब (James) के साथ ज़ेबेदी (Zebedee) के पुत्र थे, और वे […]
