🛶 बाइबिल के अनुसार नूह (Noah), जलप्रलय (The Flood) और उनके वंश की कहानी

The Story of Noah and the Flood

1. पृथ्वी पर दुष्टता और नूह की धार्मिकता

 

बाइबिल बताती है कि नूह के समय में, पृथ्वी पर लोग बहुत दुष्ट और भ्रष्ट हो गए थे। हर जगह हिंसा और पाप फैल गया था, और परमेश्वर ने मनुष्यों को बनाने पर खेद महसूस किया।

  • हालाँकि, नूह ही एकमात्र व्यक्ति था जो धर्मी था और अपने समय के लोगों में खरा था। वह परमेश्वर के साथ-साथ चलता था।

  • नूह के तीन पुत्र थे:

    • शेम (Shem)

    • हाम (Ham)

    • येपेत (Japheth)

 

2. जहाज बनाने की आज्ञा (The Ark)

 

परमेश्वर ने नूह को बताया कि वह एक जलप्रलय लाकर पृथ्वी पर के सब प्राणियों को नष्ट करने जा रहा है। तब परमेश्वर ने नूह को गोपेर (Gopher) की लकड़ी से एक विशाल जहाज (Ark) बनाने की आज्ञा दी और उसे उसका विस्तृत माप और डिज़ाइन बताया।

  • नूह को आदेश दिया गया था कि वह अपनी पत्नी, अपने पुत्रों और उनकी पत्नियों को जहाज में ले जाए।

  • उसे पृथ्वी के हर प्रकार के जीव-जन्तुओं के नर और मादा जोड़े को भी जहाज में ले जाने का आदेश दिया गया था। शुद्ध पशुओं के सात-सात जोड़े और अशुद्ध पशुओं के दो-दो जोड़े।

  • नूह ने बिना किसी सवाल के, परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार सब कुछ किया

 

3. जलप्रलय (The Flood)

 

जब नूह छह सौ वर्ष का था, तब उसने, उसके परिवार ने, और सभी जानवरों ने जहाज में प्रवेश किया।

  • इसके बाद, चालीस दिन और चालीस रात तक लगातार भारी वर्षा होती रही।

  • जमीन के नीचे के सोते खुल गए और आकाश की खिड़कियाँ खुल गईं।

  • जल का स्तर इतना बढ़ा कि पृथ्वी के सारे ऊँचे पहाड़ भी डूब गए। पृथ्वी पर साँस लेने वाला हर प्राणी नष्ट हो गया, केवल नूह और उसके साथ जहाज में रहने वाले ही जीवित बचे।

 

4. जल का घटना और नई शुरुआत

 

  • 150 दिन तक जल पृथ्वी पर ठहरा रहा। फिर परमेश्वर ने पृथ्वी पर एक आँधी चलाई, और जल घटने लगा।

  • सातवें महीने में, जहाज अरारात (Ararat) पर्वत पर जा टिका।

  • नूह ने पानी घटने का पता लगाने के लिए एक कौआ और फिर एक कबूतर भेजा।

  • जब कबूतर जैतून की एक पत्ती लेकर लौटा, तो नूह समझ गया कि जल उतर गया है।

  • करीब एक साल बाद, परमेश्वर की आज्ञा पर, नूह और उसका परिवार जहाज से बाहर निकले।

  • बाहर आकर, नूह ने परमेश्वर के लिए एक वेदी बनाई और उस पर बलिदान चढ़ाया।

  • परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी और कहा, “फूलो-फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में भर जाओ।

 

5. वाचा और इंद्रधनुष (The Covenant and Rainbow)

 

परमेश्वर ने नूह और उसके वंश के साथ एक वाचा (Covenant) बांधी कि वह फिर कभी जलप्रलय से पृथ्वी के सभी प्राणियों का विनाश नहीं करेगा।

  • इस वाचा के चिन्ह के रूप में, परमेश्वर ने बादल में इंद्रधनुष (Rainbow) को रखा। जब भी इंद्रधनुष दिखाई देगा, यह परमेश्वर के इस वादे की याद दिलाएगा।

 

6. नूह के वंशज

 

जलप्रलय के बाद, नूह के तीन पुत्रों – शेम, हाम और येपेत – से ही पूरी पृथ्वी पर जनसंख्या बढ़ी।

  • बाइबिल में इन तीनों पुत्रों की संतानों का उल्लेख “जातियों की तालिका (Table of Nations)” के रूप में किया गया है, जिनसे दुनिया के विभिन्न राष्ट्र और लोग उत्पन्न हुए:

    • येपेत के वंशज मुख्य रूप से यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों की ओर फैले (जैसे गोमेर, यावान)।

    • हाम के वंशज मुख्य रूप से अफ्रीका और कनान (Canaan) क्षेत्र की ओर फैले (जैसे कूश, मिस्र, कनान)।

    • शेम के वंशज मुख्य रूप से मध्य-पूर्व (Middle East) और एशिया के कुछ हिस्सों की ओर फैले (जैसे एलम, अश्शूर, अरपक्षी, आराम), जिनसे इब्राहीम और इज़राइल राष्ट्र की उत्पत्ति हुई।

यह कहानी आज्ञाकारिता, विश्वास, परमेश्वर के न्याय और उसकी दया का एक शक्तिशाली प्रमाण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Skip to toolbar