यीशु मसीह ने अपना पहला सार्वजनिक चमत्कार गलील के काना (Cana) नामक गाँव में एक विवाह समारोह के दौरान किया था। इस घटना का वर्णन यूहन्ना (John) रचित सुसमाचार, अध्याय 2, पद 1-11 में मिलता है।
📜 कहानी का सारांश
1. विवाह और समस्या
तीसरे दिन, गलील के काना में एक विवाह समारोह था, और यीशु की माता मरियम भी वहाँ मौजूद थीं।
यीशु और उनके शिष्य भी उस विवाह में बुलाए गए थे।
समारोह के दौरान, वहाँ एक समस्या उत्पन्न हो गई: दाखमधु (Wine) खत्म हो गई। प्राचीन काल में, विवाह भोज में दाखमधु का समाप्त हो जाना मेजबानों के लिए बहुत बड़ी शर्म की बात मानी जाती थी।
2. माता मरियम का निवेदन
जब दाखमधु खत्म हो गई, तो यीशु की माता ने उनसे कहा, “इनके पास दाखमधु नहीं है।”
यीशु ने उत्तर दिया, “हे नारी, मुझे तुझ से क्या काम? मेरा समय अभी नहीं आया है।” (यह एक विशिष्ट यहूदी अभिव्यक्ति थी, जिसका अर्थ था कि वे अपनी दिव्य शक्ति का प्रदर्शन करने का सही समय नहीं मानते थे।)
फिर भी, यीशु की माता ने सेवकों से कहा, “जो कुछ वह तुम्हें बताए, वही करना।”
3. चमत्कार
उस जगह पत्थर के छह बड़े पानी के मर्तबान (लगभग 20 से 30 गैलन क्षमता वाले) रखे थे, जो यहूदियों के शुद्धिकरण (शुद्धि कर्म) के रीति-रिवाजों के लिए इस्तेमाल होते थे।
यीशु ने सेवकों से कहा, “मर्तबानों में पानी भर दो।“
सेवकों ने मर्तबानों को ऊपर तक लबालब भर दिया।
तब यीशु ने उनसे कहा, “अब निकालो, और भोज के प्रधान (यानी मेज़बान) के पास ले जाओ।“
4. परिणाम और विश्वास
जब भोज के प्रधान ने वह पानी चखा, जो अब उत्तम दाखमधु बन चुका था (परन्तु वह नहीं जानता था कि यह कहाँ से आया है, सेवक जो पानी लाए थे, वे जानते थे), तो उसने दूल्हे को बुलाया।
प्रधान ने दूल्हे से कहा, “हर व्यक्ति पहले उत्तम दाखमधु देता है, और जब लोग पीकर तृप्त हो जाते हैं, तब साधारण दाखमधु देता है, परन्तु तू ने उत्तम दाखमधु अब तक रख छोड़ी है।“
✨ महत्व
यूहन्ना के सुसमाचार के अनुसार, यीशु ने यह पहला चमत्कार गलील के काना में किया और अपनी महिमा प्रकट की, और इस पर उनके शिष्यों ने उन पर विश्वास किया। यह चमत्कार दिखाता है कि यीशु न केवल एक उपदेशक थे, बल्कि परमेश्वर के पुत्र थे, जिनके पास सृष्टि के तत्वों को बदलने की शक्ति थी।
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