The Complete Story of the Birth of Jesus Christ

The Story of the Birth of Jesus Christ

यह बाइबल के अनुसार यीशु मसीह के जन्म की संपूर्ण कहानी है, जिसे तीन भागों में विभाजित किया गया है: मसीह के जन्म की भविष्यवाणी (Pre-Christmas), मसीह का जन्म (Christmas), और जन्म के बाद की घटनाएँ (Post-Christmas)।

मसीह के जन्म की भविष्यवाणी (Pre-Christmas)
हजारों साल पहले भविष्यद्वक्ताओं ने मसीह के आने की भविष्यवाणी की थी। इसके बाद, स्वर्गदूत जिब्राईल मरियम नाम की एक कुंवारी के पास आए।

भविष्यवाणी: "इस कारण प्रभु आप ही तुम्हें एक चिन्ह देगा। देखो, एक कुमारी गर्भवती होगी और पुत्र जनेगी, और उसका नाम इम्मानुएल रखेगी।" (यशायाह 7:14)

स्वर्गदूत का संदेश: स्वर्गदूत ने मरियम से कहा, "देख, तू गर्भवती होगी और तेरे एक पुत्र उत्पन्न होगा; तू उसका नाम यीशु रखना।" (लूका 1:31)

यूसुफ का सपना: जब यूसुफ उलझन में था, तब स्वर्गदूत ने उसे दर्शन देकर कहा, "वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना, क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उद्धार करेगा।" (मत्ती 1:21)

यीशु मसीह का जन्म (Christmas)
जब मरियम के दिन पूरे हुए, तब रोम के सम्राट औगुस्तुस की आज्ञा से जनगणना हो रही थी। यूसुफ और मरियम को बेतलेहेम जाना पड़ा।

जन्म का स्थान: "और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़ों में लपेटकर चरनी में रखा; क्योंकि उनके लिये सराय में जगह न थी।" (लूका 2:7)

स्वर्गदूतों का गान: पास के खेतों में चरवाहों को स्वर्गदूत ने दर्शन दिया और कहा, "आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।" (लूका 2:11)

स्वर्ग की सेना की स्तुति: "आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है, शान्ति हो।" (लूका 2:14)

जन्म के बाद की घटनाएँ (Post-Christmas)
यीशु के जन्म के बाद, पूर्व से ज्योतिषी (बुद्धिमान लोग) और चरवाहे उनकी आराधना करने आए।

चरवाहों का आना: चरवाहों ने जाकर बालक को देखा और सबको बताया। "और वे बड़ी फुर्ती से गए, और मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा पाया।" (लूका 2:16)

ज्योतिषियों का आगमन: पूर्व से आए ज्योतिषियों ने एक तारा देखा और वे बालक की आराधना करने पहुँचे। "उन्होंने उस घर में जाकर बालक को उसकी माता मरियम के साथ देखा, और दण्डवत् किया; और अपना अपना थैला खोलकर उसे सोना, और लोबान, और गन्धरस की भेंट चढ़ाई।" (मत्ती 2:11)

मिस्र की यात्रा: राजा हेरोदेस बालक को मारना चाहता था, इसलिए स्वर्गदूत ने यूसुफ को चेतावनी दी। "उठ, बालक और उसकी माता को लेकर मिस्र देश को भाग जा।" (मत्ती 2:13)

बाइबल सिखाती है कि यीशु का जन्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि मानव जाति के लिए परमेश्वर का प्रेम और उद्धार का उपहार है।

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