यह कथा ईसा मसीह के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और दुखद अध्यायों में से एक है, जिसमें उनका प्रेम, पीड़ा और समर्पण पूर्ण रूप से प्रकट होता है। 1. गेथसेमनी का बाग: प्रार्थना और पीड़ा (The Garden of Gethsemane: Prayer and Anguish) अंतिम भोज के बाद, यीशु अपने ग्यारह शिष्यों के साथ यरूशलेम के बाहर … Continue reading “The Sacrifice of Jesus Christ: From Gethsemane to Calvary-“
(मत्ती 14:13-21, मरकुस 6:30-44, लूका 9:10-17, यूहन्ना 6:1-14) एक बार की बात है, जब यीशु मसीह ने गलील की झील के पार एक निर्जन (एकांत) स्थान पर विश्राम करने के लिए गए थे। मगर लोगों की एक बहुत बड़ी भीड़ भी उनके पीछे-पीछे आ गई, क्योंकि उन्होंने यीशु को बीमारों को चंगा करते हुए देखा … Continue reading “The Story of Five Loaves and Two Fishes”
