Genesis- A Brief Introduction

Genesis- A Brief Introduction बाइबल की पहली पुस्तक उत्पत्ति (Genesis) है। जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, यह पुस्तक ‘शुरुआत’ या ‘उद्गम’ के बारे में है। यह ब्रह्मांड के निर्माण से लेकर इसराइल राष्ट्र की नींव पड़ने तक की घटनाओं का वर्णन करती है। यहाँ उत्पत्ति की पुस्तक का एक संक्षिप्त विवरण दिया … Continue reading “Genesis- A Brief Introduction”

Johar: The Timeless Tradition of Tribal Greeting – Meaning, Origin, Usage, and Modern Significance

जोहार एक ऐसा पारंपरिक अभिवादन है जो भारत की आदिवासी संस्कृति की आत्मा को प्रतिबिंबित करता है। यह न केवल ‘नमस्कार’ या ‘हैलो’ का विकल्प है, बल्कि सम्मान, स्वागत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की जनजातियों में प्रचलित यह शब्द मुंडा, हो और ओरांव समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न … Continue reading “Johar: The Timeless Tradition of Tribal Greeting – Meaning, Origin, Usage, and Modern Significance”

The story of the resurrection and ascension of Jesus Christ

यह वृत्तांत हमें ईश्वर के पुत्र यीशु मसीह के मृत्यु पर विजय और पिता के दाहिने हाथ विराजमान होने की महान घटना को बताता है, जैसा कि पवित्र बाइबल के सुसमाचारों और प्रेरितों के काम में वर्णित है। 1. महिमामय पुनरुत्थान (Glorious Resurrection) क्रूस पर अपनी मृत्यु के बाद, यीशु के शरीर को एक कब्र … Continue reading “The story of the resurrection and ascension of Jesus Christ”

The Story of the Salvation of Zacchaeus the Tax Collector

प्राचीन यहूदिया में, लोग चुंगी वसूलने वालों (Tax Collectors) से घृणा करते थे। उन्हें पापी और देशद्रोही माना जाता था, क्योंकि वे रोमी सरकार के लिए काम करते थे और अक्सर लोगों से अधिक पैसे वसूल कर खुद अमीर बन जाते थे। जेरिको नामक शहर में ज़क्कई नाम का एक चुंगी लेने वाला मुखिया रहता … Continue reading “The Story of the Salvation of Zacchaeus the Tax Collector”

God’s Precious Love: A Wonderful Story

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो बल्कि अनन्त जीवन पाए।” (यूहन्ना 3:16) यह एक ऐसी कहानी है जो प्रेम की सबसे गहरी परिभाषा है—यह कहानी है परमेश्वर के अद्भुत प्रेम की। यह कोई राजा-रानी की … Continue reading “God’s Precious Love: A Wonderful Story”

The Story of the Fig Tree

यरूशलेम के बाहरी किनारों पर, एक प्राचीन अंजीर का पेड़ था। वह केवल लकड़ी और पत्तियों का ढेर नहीं था, बल्कि समय का गवाह था। उसने सुना था कि उसके पत्ते कितने महत्वपूर्ण थे, जब बहुत पहले, मनुष्य ने अपनी नग्नता को ढकने के लिए उन्हीं का सहारा लिया था। उत्पत्ति 3:7 में लिखा है: … Continue reading “The Story of the Fig Tree”

The Story of Lazarus: The Miracle of Resurrection

लाजरुस की कहानी शायद यीशु के चमत्कारों में सबसे गहरी है, जो जीवन और मृत्यु पर उनकी शक्ति का एक गतिशील प्रदर्शन है और उनके स्वयं के पुनरुत्थान की एक पूर्व सूचना है। यह यूहन्ना के सुसमाचार, अध्याय 11 में दर्ज है। 1. प्रिय मित्र और अत्यावश्यक बुलावा लाजरुस अपनी दो बहनों, मारथा और मरियम … Continue reading “The Story of Lazarus: The Miracle of Resurrection”

The Temptation of Jesus

यह घटना मसीह का प्रलोभन (यानी, परीक्षा) के रूप में जानी जाती है, जो मत्ती (4:1-11) और लूका (4:1-13) के सुसमाचारों में वर्णित है। यह शैतान द्वारा यीशु को दी गई तीन परीक्षाओं की एक श्रृंखला है ।  पृष्ठभूमि   यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले द्वारा यीशु को बपतिस्मा दिए जाने के बाद, पवित्र आत्मा उन्हें … Continue reading “The Temptation of Jesus”

Honor your father and mother—this is the first commandment with a promise

इफिसियों  पत्री (६:२-३) में, वह लिखते हैं: “‘अपने पिता और अपनी माता का आदर कर’—यह पहली आज्ञा है जिसके साथ प्रतिज्ञा भी है—‘कि तेरा भला हो, और तू धरती पर बहुत दिन जीवित रहे।” मेरे भाइयों और बहनों, मित्रों, और इस सांसारिक यात्रा के सहयात्रियों, आइए आज हम अपने हृदयों और मनों को एक ऐसी … Continue reading “Honor your father and mother—this is the first commandment with a promise”

Jesus’ triumphal entry into Jerusalem

पृष्ठभूमि येसु मसीह अपनी सेवकाई के अंतिम चरण में थे और फसह पर्व से कुछ ही दिन पहले वह येरूसलेम जा रहे थे। इस यात्रा का उद्देश्य परमेश्वर की उस योजना को पूरा करना था जिसके तहत उन्हें मानवजाति के पापों के प्रायश्चित के लिए क्रूस पर बलिदान होना था। यरीहो से यात्रा करते हुए, … Continue reading “Jesus’ triumphal entry into Jerusalem”

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