I. अपरिमेय स्वर्गीय सेना: बाइबिल में स्वर्गदूतों की संख्या (देवदूतों की संख्या) A. संख्या का विरोधाभास: असंख्य बनाम नामित बाइबिल में उल्लेखित स्वर्गदूतों की संख्या संबंधी मूल प्रश्न के लिए यह समझना आवश्यक है कि कुल स्वर्गीय प्राणियों की संख्या और उन चुनिंदा स्वर्गदूतों में अंतर है जिनके नाम स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। … Continue reading “Analysis of angels in biblical traditions”
सहस्राब्दियों पूर्व, यरूशलेम, जिसे तब येबूस कहा जाता था, एक अजेय किला था। यह ऊँचे पर्वतों पर स्थापित था, मानो स्वयं स्वर्ग और पृथ्वी के बीच की सीढ़ी हो। परन्तु परमेश्वर ने इस नगर के लिए एक महान नियति चुनी थी—इसे अपने नाम और अपनी महिमा का स्थायी स्थान बनाना था। एक दिन, इज़राइल का … Continue reading “Jerusalem, The City of David: City of Everlasting Light”
I. परिचय: बाइबिल के भू-राजनीतिक परिदृश्य को परिभाषित करना पवित्र धर्मग्रंथ, इतिहास और धार्मिक आख्यान की सदियों को समाहित करते हुए, भू-राजनीतिक संस्थाओं की एक विशाल श्रृंखला के साथ बातचीत का दस्तावेजीकरण करता है, जो पूर्व में सिंधु घाटी से लेकर पश्चिम में इबेरियन प्रायद्वीप तक फैली दुनिया को दर्शाता है।1 हालांकि, उल्लेखित “देशों” की … Continue reading “A detailed analysis of the nations, empires, and geopolitical entities referenced in the Bible”
इज़राइल और पलिश्ती सेनाएँ प्राचीन काल में, इज़राइल की सेना और पलिश्ती (Philistines) सेना आपस में युद्ध के लिए खड़ी थीं। दोनों सेनाएँ एक-दूसरे के सामने दो पहाड़ियों पर तैनात थीं, और बीच में एक घाटी थी। पलिश्ती सेना में एक विशालकाय योद्धा था, जिसका नाम गोलियत था। वह गत (Gath) नगर का रहने वाला … Continue reading “The Story of David and Goliath”
मुख्य बिंदु: प्रारंभिक जीवन तृषा का जन्म 2006 में जालपाईगुड़ी जिले के बरादिघी चाय बागान में हुआ। चाय की हरियाली और पहाड़ियों के बीच पली-बढ़ीं, उनके पिता टोटो चालक थे, जिनसे उन्हें सड़कों का प्रेम मिला। माँ घर संभालती थीं, और परिवार सादगीपूर्ण जीवन जीता था। संघर्ष और संघर्षमय यात्रा 13 वर्ष की आयु में … Continue reading “Trisha Topno: The Inspiring Daughter of the Dooars”
प्रथम कलीसिया का इतिहास यीशु मसीह के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण (Ascension) के बाद शुरू होता है, और इसकी मुख्य कहानी प्रेरितों के काम (Book of Acts) नामक बाइबल की पुस्तक में पाई जाती है। 1. कलीसिया की स्थापना: पिन्तेकुस्त (Pentecost) 2. यरूशलेम में आरंभिक कलीसिया का जीवन आरंभिक कलीसिया के सदस्य एक अद्भुत एकता और … Continue reading “The Story of the Early Church”
बाइबल और विश्वास की यात्रा यह कहानी 19वीं शताब्दी के मध्य में शुरू होती है, जब जर्मनी के बर्लिन शहर में पादरी जोहान्स गोस्नर (Johannes Gossner) का हृदय भारत, विशेषकर छोटानागपुर (आज का झारखंड) की आत्माओं के लिए धड़कता था। वह एक ऐसे मिशनरी थे जिनका मानना था कि परमेश्वर अपनी प्रार्थनाओं का उत्तर देंगे, … Continue reading “The Story of the Gossner Evangelical Lutheran Church of Chotanagpur and Assam”
प्रकाशितवाक्य की पुस्तक, जो प्रेरित यूहन्ना को दर्शन में दी गई थी, निराशा या विनाश पर समाप्त नहीं होती, बल्कि यह एक महान, विजयी निष्कर्ष पर पहुँचती है। यह पृथ्वी पर बुराई के अंतिम अंत, परमेश्वर के लोगों के उद्धार, और अनंत काल के आगमन का वर्णन करती है। 1. राजाओं के राजा की विजय … Continue reading “The Conclusion of Revelation: The Final Victory of the King of Kings”
(मत्ती 14:13-21, मरकुस 6:30-44, लूका 9:10-17, यूहन्ना 6:1-14) एक बार की बात है, जब यीशु मसीह ने गलील की झील के पार एक निर्जन (एकांत) स्थान पर विश्राम करने के लिए गए थे। मगर लोगों की एक बहुत बड़ी भीड़ भी उनके पीछे-पीछे आ गई, क्योंकि उन्होंने यीशु को बीमारों को चंगा करते हुए देखा … Continue reading “The Story of Five Loaves and Two Fishes”
यह कहानी यीशु ने एक व्यवस्थापक को जवाब देते हुए सुनाई थी, जिसने यीशु से पूछा था कि वह अनन्त जीवन का वारिस होने के लिए क्या करे। यीशु ने जवाब में उसे परमेश्वर के नियम याद दिलाए कि वह परमेश्वर से और अपने पड़ोसी से प्रेम करे। तब व्यवस्थापक ने यीशु से यह सवाल … Continue reading “The Story of a Good Neighbor: The Parable of the Good Samaritan (Luke 10:25-37)”
