The Story of the Fig Tree

यरूशलेम के बाहरी किनारों पर, एक प्राचीन अंजीर का पेड़ था। वह केवल लकड़ी और पत्तियों का ढेर नहीं था, बल्कि समय का गवाह था। उसने सुना था कि उसके पत्ते कितने महत्वपूर्ण थे, जब बहुत पहले, मनुष्य ने अपनी नग्नता को ढकने के लिए उन्हीं का सहारा लिया था। उत्पत्ति 3:7 में लिखा है: … Continue reading “The Story of the Fig Tree”

The Sacrifice of Jesus Christ: From Gethsemane to Calvary-

यह कथा ईसा मसीह के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और दुखद अध्यायों में से एक है, जिसमें उनका प्रेम, पीड़ा और समर्पण पूर्ण रूप से प्रकट होता है। 1. गेथसेमनी का बाग: प्रार्थना और पीड़ा (The Garden of Gethsemane: Prayer and Anguish) अंतिम भोज के बाद, यीशु अपने ग्यारह शिष्यों के साथ यरूशलेम के बाहर … Continue reading “The Sacrifice of Jesus Christ: From Gethsemane to Calvary-“

The Calming of the Sea: Jesus’ Authority

यह कहानी यीशु मसीह के जीवन के एक अद्भुत चमत्कार को दर्शाती है, जहाँ उन्होंने प्रकृति पर अपने पूर्ण अधिकार को प्रकट किया। यह घटना बाइबिल की नई नियम (New Testament) में मरकुस (Mark) के सुसमाचार के अध्याय 4:35-41 में दर्ज है। कहानी एक दिन, जब शाम हो गई, यीशु ने अपने शिष्यों से कहा, … Continue reading “The Calming of the Sea: Jesus’ Authority”

Analysis of angels in biblical traditions

I. अपरिमेय स्वर्गीय सेना: बाइबिल में स्वर्गदूतों की संख्या (देवदूतों की संख्या) A. संख्या का विरोधाभास: असंख्य बनाम नामित बाइबिल में उल्लेखित स्वर्गदूतों की संख्या संबंधी मूल प्रश्न के लिए यह समझना आवश्यक है कि कुल स्वर्गीय प्राणियों की संख्या और उन चुनिंदा स्वर्गदूतों में अंतर है जिनके नाम स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। … Continue reading “Analysis of angels in biblical traditions”

Jerusalem, The City of David: City of Everlasting Light

सहस्राब्दियों पूर्व, यरूशलेम, जिसे तब येबूस कहा जाता था, एक अजेय किला था। यह ऊँचे पर्वतों पर स्थापित था, मानो स्वयं स्वर्ग और पृथ्वी के बीच की सीढ़ी हो। परन्तु परमेश्वर ने इस नगर के लिए एक महान नियति चुनी थी—इसे अपने नाम और अपनी महिमा का स्थायी स्थान बनाना था। एक दिन, इज़राइल का … Continue reading “Jerusalem, The City of David: City of Everlasting Light”

A detailed analysis of the nations, empires, and geopolitical entities referenced in the Bible

I. परिचय: बाइबिल के भू-राजनीतिक परिदृश्य को परिभाषित करना पवित्र धर्मग्रंथ, इतिहास और धार्मिक आख्यान की सदियों को समाहित करते हुए, भू-राजनीतिक संस्थाओं की एक विशाल श्रृंखला के साथ बातचीत का दस्तावेजीकरण करता है, जो पूर्व में सिंधु घाटी से लेकर पश्चिम में इबेरियन प्रायद्वीप तक फैली दुनिया को दर्शाता है।1 हालांकि, उल्लेखित “देशों” की … Continue reading “A detailed analysis of the nations, empires, and geopolitical entities referenced in the Bible”

The Story of David and Goliath

इज़राइल और पलिश्ती सेनाएँ प्राचीन काल में, इज़राइल की सेना और पलिश्ती (Philistines) सेना आपस में युद्ध के लिए खड़ी थीं। दोनों सेनाएँ एक-दूसरे के सामने दो पहाड़ियों पर तैनात थीं, और बीच में एक घाटी थी। पलिश्ती सेना में एक विशालकाय योद्धा था, जिसका नाम गोलियत था। वह गत (Gath) नगर का रहने वाला … Continue reading “The Story of David and Goliath”

Trisha Topno: The Inspiring Daughter of the Dooars

मुख्य बिंदु: प्रारंभिक जीवन तृषा का जन्म 2006 में जालपाईगुड़ी जिले के बरादिघी चाय बागान में हुआ। चाय की हरियाली और पहाड़ियों के बीच पली-बढ़ीं, उनके पिता टोटो चालक थे, जिनसे उन्हें सड़कों का प्रेम मिला। माँ घर संभालती थीं, और परिवार सादगीपूर्ण जीवन जीता था। संघर्ष और संघर्षमय यात्रा 13 वर्ष की आयु में … Continue reading “Trisha Topno: The Inspiring Daughter of the Dooars”

The Story of the Early Church

प्रथम कलीसिया का इतिहास यीशु मसीह के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण (Ascension) के बाद शुरू होता है, और इसकी मुख्य कहानी प्रेरितों के काम (Book of Acts) नामक बाइबल की पुस्तक में पाई जाती है। 1. कलीसिया की स्थापना: पिन्तेकुस्त (Pentecost) 2. यरूशलेम में आरंभिक कलीसिया का जीवन आरंभिक कलीसिया के सदस्य एक अद्भुत एकता और … Continue reading “The Story of the Early Church”

The Story of the Gossner Evangelical Lutheran Church of Chotanagpur and Assam

बाइबल और विश्वास की यात्रा यह कहानी 19वीं शताब्दी के मध्य में शुरू होती है, जब जर्मनी के बर्लिन शहर में पादरी जोहान्स गोस्नर (Johannes Gossner) का हृदय भारत, विशेषकर छोटानागपुर (आज का झारखंड) की आत्माओं के लिए धड़कता था। वह एक ऐसे मिशनरी थे जिनका मानना था कि परमेश्वर अपनी प्रार्थनाओं का उत्तर देंगे, … Continue reading “The Story of the Gossner Evangelical Lutheran Church of Chotanagpur and Assam”

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